श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 15: श्री विष्णुप्रिया के साथ विवाह  »  श्लोक 81
 
 
श्लोक  1.15.81 
ভাট-গণে পডিতে লাগিল রাযবার
পতি-ব্রতা-গণে করে জয-জয-কার
भाट-गणे पडिते लागिल रायवार
पति-व्रता-गणे करे जय-जय-कार
 
 
अनुवाद
व्यावसायिक आशीर्वाद देने वालों ने प्रार्थनाएं पढ़नी शुरू कर दीं और पवित्र महिलाएं शुभ ध्वनियां निकालने लगीं।
 
Professional blessing givers began reciting prayers and holy women began making auspicious sounds.
तात्पर्य
रायवार शब्द की व्याख्या के लिए आदी-खंड, अध्याय 8, पद 11 के भावार्थ का उल्लेख करना चाहिए | जय-जय-कार शब्द के संबंध में, आज भी पूर्वी बंगाल में उलू-ध्वनि (बांग्ला महिलाओं द्वारा जीभ हिलाकर की जाने वाली ध्वनि) को स्थानीय भाषा में जोकार या जयकार के नाम से जाना जाता है।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)