श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 15: श्री विष्णुप्रिया के साथ विवाह  »  श्लोक 73
 
 
श्लोक  1.15.73 
তবে সবে মিলি’ শুভ-দিন শুভ-ক্ষণে
অধিবাস-লগ্ন করিলেন হর্ষ-মনে
तबे सबे मिलि’ शुभ-दिन शुभ-क्षणे
अधिवास-लग्न करिलेन हर्ष-मने
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात सभी लोग अधिवास समारोह मनाने के लिए एक शुभ दिन और समय पर सहमत हुए।
 
Thereafter everyone agreed on an auspicious day and time to celebrate the residence ceremony.
तात्पर्य
अधिवास-लग्न के विवरण के लिए, आदि-खंडा, अध्याय 10, श्लोक 80 के भावार्थ को पढ़ा जाए।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)