श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 15: श्री विष्णुप्रिया के साथ विवाह  »  श्लोक 70
 
 
श्लोक  1.15.70 
মুকুন্দ সঞ্জয বলে,—“শুন, সখা ভাই!
তোমার সকল ভার, মোর কিছু নাই?”
मुकुन्द सञ्जय बले,—“शुन, सखा भाइ!
तोमार सकल भार, मोर किछु नाइ?”
 
 
अनुवाद
मुकुंद संजय ने कहा, "सुनो, मेरे प्यारे दोस्त। अगर तुम सारा खर्च उठाओगे, तो मैं क्या करूँगा?"
 
Mukunda Sanjay said, "Listen, my dear friend. If you bear all the expenses, what will I do?"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)