श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 15: श्री विष्णुप्रिया के साथ विवाह  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  1.15.5 
অনেক জন্মের ভৃত্য মুকুন্দ-সঞ্জয
পুরুষোত্তম-দাস হয যাঙ্হার তনয
अनेक जन्मेर भृत्य मुकुन्द-सञ्जय
पुरुषोत्तम-दास हय याङ्हार तनय
 
 
अनुवाद
मुकुंद संजय कई जन्मों तक भगवान के सेवक रहे। उनके पुत्र का नाम पुरुषोत्तम दास था।
 
Mukunda Sanjaya served the Lord for many lifetimes. His son was named Purushottam Das.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)