श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 15: श्री विष्णुप्रिया के साथ विवाह  »  श्लोक 46
 
 
श्लोक  1.15.46 
শিশু হৈতে দুই-তিন-বার গঙ্গা-স্নান
পিতৃ-মাতৃ-বিষ্ণু-ভক্তি বিনে নাহি আন
शिशु हैते दुइ-तिन-बार गङ्गा-स्नान
पितृ-मातृ-विष्णु-भक्ति विने नाहि आन
 
 
अनुवाद
वह बालिका बचपन से ही दिन में दो-तीन बार गंगा स्नान करती थी। अपने पिता, माता और भगवान विष्णु की सेवा के अलावा उसका कोई अन्य कार्य नहीं था।
 
From childhood, the girl bathed in the Ganges two or three times a day. She had no other duties except serving her father, mother, and Lord Vishnu.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)