vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 1: आदि-खण्ड
»
अध्याय 15: श्री विष्णुप्रिया के साथ विवाह
»
श्लोक 214
श्लोक
1.15.214
গৃহে আসি’ বসিলেন লক্ষ্মী-নারাযণ
জয-ধ্বনি-ময হৈল সকল ভুবন
गृहे आसि’ वसिलेन लक्ष्मी-नारायण
जय-ध्वनि-मय हैल सकल भुवन
अनुवाद
जैसे ही लक्ष्मी-नारायण घर के अन्दर बैठे, पूरा घर आनन्द की ध्वनि से भर गया।
As soon as Lakshmi-Narayan sat inside the house, the whole house was filled with sounds of joy.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×