श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 15: श्री विष्णुप्रिया के साथ विवाह  »  श्लोक 211
 
 
श्लोक  1.15.211 
নৃত্য, গীত, বাদ্য, পুষ্প বর্ষিতে বর্ষিতে
পরম-আনন্দে আইলেন সর্ব-পথে
नृत्य, गीत, वाद्य, पुष्प वर्षिते वर्षिते
परम-आनन्दे आइलेन सर्व-पथे
 
 
अनुवाद
जब प्रभु की बारात सड़कों से गुज़री, तो वे बड़े आनंद में नाचने, गाने, संगीत वाद्ययंत्र बजाने और फूल बरसाने लगे।
 
As the Lord's procession passed through the streets, they began dancing, singing, playing musical instruments and showering flowers in great joy.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)