श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 15: श्री विष्णुप्रिया के साथ विवाह  »  श्लोक 204
 
 
श्लोक  1.15.204 
পথে যত লোক দেখে, চলিযা আসিতে
’ধন্য-ধন্য’ সবেই প্রশṁসে বহু-মতে
पथे यत लोक देखे, चलिया आसिते
’धन्य-धन्य’ सबेइ प्रशꣳसे बहु-मते
 
 
अनुवाद
रास्ते में प्रभु को देखने वाले प्रत्येक व्यक्ति ने उचित शब्दों से उनकी महिमा की।
 
Everyone who saw the Lord on the way praised Him with appropriate words.
तात्पर्य
इस और अगले पाँच छंदों में दी गई बातों के समान विवरण आदि-खंड, अध्याय 10, छंद 111-116 में भी है।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)