श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 15: श्री विष्णुप्रिया के साथ विवाह  »  श्लोक 201
 
 
श्लोक  1.15.201 
ঢাক, পটহ, সানাঞি, বডঙ্গ, করতাল
অন্যো’ন্যে বাদ করি’ বাজায বিশাল
ढाक, पटह, सानाञि, वडङ्ग, करताल
अन्यो’न्ये वाद करि’ बाजाय विशाल
 
 
अनुवाद
संगीतकारों ने प्रतिस्पर्धात्मक रूप से ढोलक, ढोलक, सानाणी, वादक और करताल बजाए।
 
Musicians played the dholak, dholak, sanani, vaadak and kartal competitively.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)