श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 15: श्री विष्णुप्रिया के साथ विवाह  »  श्लोक 199
 
 
श्लोक  1.15.199 
চতুর্-দিকে জয-ধ্বনি লাগিল হৈতে
নারী-গণ জযকার লাগিলেন দিতে
चतुर्-दिके जय-ध्वनि लागिल हैते
नारी-गण जयकार लागिलेन दिते
 
 
अनुवाद
सभी दिशाओं में खुशी की ध्वनि फैल गई और महिलाएं भी उल्लु-ध्वनि की शुभ ध्वनि निकालकर इसमें शामिल हो गईं।
 
The sound of joy spread in all directions and the women also joined in by making the auspicious sound of owl-sound.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)