पाद्य, अर्घ्य, आचमनीय यथा-विधि-मते
क्रिया करि’ लागिलेन सङ्कल्प करिते
अनुवाद
वैदिक आदेशों का पालन करते हुए, सनातन मिश्र ने भगवान को पाद्य, अर्घ्य और आचमन अर्पित किया। फिर उन्होंने अपनी पुत्री का विवाह करने के लिए निर्धारित मंत्रों का जाप किया।
Following Vedic injunctions, Sanatana Mishra offered the Lord padya, arghya, and achamana. He then chanted the prescribed mantras for the marriage of his daughter.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥