श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 15: श्री विष्णुप्रिया के साथ विवाह  »  श्लोक 184
 
 
श्लोक  1.15.184 
মুখ-চন্দ্রিকার মহা-বাদ্য-জয-ধ্বনি
সকল-ব্রহ্মাণ্ডে পশিলেক, হেন শুনি
मुख-चन्द्रिकार महा-वाद्य-जय-ध्वनि
सकल-ब्रह्माण्डे पशिलेक, हेन शुनि
 
 
अनुवाद
जिस समय दूल्हा-दुल्हन ने एक-दूसरे को देखा, उस समय संगीत की मधुर ध्वनि ने सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड को भर दिया।
 
The moment the bride and groom looked at each other, the sweet sound of music filled the entire universe.
तात्पर्य
श्री मुख-चंद्रिका वाक्य दुल्हन और दूल्हे द्वारा एक दूसरे को सौभाग्‍यदायक दृष्टि से देखने का उल्‍लेख है। आदी-खंड अध्‍याय 10, श्लोक 100 देख सकते हैं।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)