श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 15: श्री विष्णुप्रिया के साथ विवाह  »  श्लोक 173
 
 
श्लोक  1.15.173 
তবে লক্ষ্মী প্রদক্ষিণ করি’ সাত বার
রহিলেন সম্মুখে করিযা নমস্কার
तबे लक्ष्मी प्रदक्षिण करि’ सात बार
रहिलेन सम्मुखे करिया नमस्कार
 
 
अनुवाद
परिक्रमा के पश्चात विष्णुप्रिया भगवान के समक्ष आईं और उन्हें प्रणाम किया।
 
After the circumambulation, Vishnupriya came before the Lord and bowed to him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)