श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 15: श्री विष्णुप्रिया के साथ विवाह  »  श्लोक 145
 
 
श्लोक  1.15.145 
আগে যত পদাতিক বুদ্ধিমন্ত-খাঙ্র
চলিলা দুই-সারি হৈ’ যত পাটোযার
आगे यत पदातिक बुद्धिमन्त-खाङ्र
चलिला दुइ-सारि है’ यत पाटोयार
 
 
अनुवाद
जुलूस का नेतृत्व बुद्धिमंत खान की पैदल सेना ने किया, जिसके पीछे शहर के कर संग्रहकर्ता थे।
 
The procession was led by Buddhimant Khan's infantry, followed by the city's tax collectors.
तात्पर्य
साड़ी शब्द की उत्पत्ति, जब संस्कृत क्रिया शब्द 'सृ' के साथ 'णिच्' प्रत्यय जोड़ा जाता है, तो उसका अर्थ "पंक्ति" या "वर्ग" होता है।

पटोयारा शब्द (प्राचीन बांग्ला में प्रयुक्त) ऐसी व्यक्ति को संदर्भित करता है जो अपने मालिक के सांसारिक कामों को करने में कुशल होता है। यह एक लेखाकार, एक कर-संग्रहकर्ता या एक क्लर्क को भी संदर्भित करता है। आम बोलचाल की भाषा में एक पटोयारा को गोमास्ता कहा जाता है।

 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)