श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 15: श्री विष्णुप्रिया के साथ विवाह  »  श्लोक 137
 
 
श्लोक  1.15.137 
তবে দিব্য দোলা করি বুদ্ধিমন্ত-খান
হরিষে আনিযা করিলেন উপস্থান
तबे दिव्य दोला करि बुद्धिमन्त-खान
हरिषे आनिया करिलेन उपस्थान
 
 
अनुवाद
उस समय बुद्धिमन्त खाँ प्रसन्नतापूर्वक भगवान के लिए एक उत्तम पालकी लेकर आये।
 
At that time Buddhimant Khan happily brought a beautiful palanquin for the Lord.
तात्पर्य
उपस्थान करिलेना या वाक्यांश का अर्थ है "[एक दिव्य पालकी] को सामने लाया गया," दूसरे शब्दों में, "सामने रखा गया।"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)