श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 15: श्री विष्णुप्रिया के साथ विवाह  »  श्लोक 136
 
 
श्लोक  1.15.136 
প্রহরেক সর্ব-নবদ্বীপে বেডাইযা
কন্যা-গৃহে যাইবেন গোধূলি করিযা”
प्रहरेक सर्व-नवद्वीपे बेडाइया
कन्या-गृहे याइबेन गोधूलि करिया”
 
 
अनुवाद
“हम कुछ घंटों के लिए नवद्वीप की सड़कों से गुजरेंगे और शाम के समय दुल्हन के घर पहुंचेंगे।”
 
“We will travel through the streets of Navadvipa for a few hours and reach the bride's house in the evening.”
तात्पर्य
गोधूलि के स्पष्टीकरण के लिए आदि-खण्ड, अध्याय 10, पद 91 के तात्पर्य का अवलोकन करें।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)