श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 15: श्री विष्णुप्रिया के साथ विवाह  »  श्लोक 130
 
 
श्लोक  1.15.130 
দিব্য সূক্ষ্ম-পীত-বস্ত্র, ত্রিকচ্ছ-বিধানে
পরাইযা কজ্জল দিলেন শ্রী-নযনে
दिव्य सूक्ष्म-पीत-वस्त्र, त्रिकच्छ-विधाने
पराइया कज्जल दिलेन श्री-नयने
 
 
अनुवाद
उन्होंने तीन कोनों वाला सुन्दर पीला वस्त्र पहना था, तथा उनकी सुन्दर आँखें कज्जल से सुसज्जित थीं।
 
He wore a beautiful yellow three-cornered garment, and His beautiful eyes were adorned with kajal.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)