श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 15: श्री विष्णुप्रिया के साथ विवाह  »  श्लोक 122
 
 
श्लोक  1.15.122 
সর্ব-বিধি-কর্ম করি’ শ্রী-গৌরসুন্দর
বসিলেন খানিক হৈযা অবসর
सर्व-विधि-कर्म करि’ श्री-गौरसुन्दर
वसिलेन खानिक हैया अवसर
 
 
अनुवाद
सभी निर्धारित अनुष्ठान पूरे करने के बाद, श्री गौरसुन्दर बैठ गए और कुछ देर तक आराम किया।
 
After completing all the prescribed rituals, Sri Gaurasundara sat down and rested for a while.
तात्पर्य
सर्व-विधि-कर्म वाक्यांश स्मृतियों पर आधारित सभी गतिविधियों को संदर्भित करता है।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)