श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 15: श्री विष्णुप्रिया के साथ विवाह  »  श्लोक 113
 
 
श्लोक  1.15.113 
চতুর্-দিকে নানা-বর্ণে উডযে পতাকা
কদলী রোপিযা বান্ধিলেন আম্র-শাখা
चतुर्-दिके नाना-वर्णे उडये पताका
कदली रोपिया बान्धिलेन आम्र-शाखा
 
 
अनुवाद
हर तरफ विभिन्न रंगों के झंडे लहरा रहे थे और केले के पेड़ों पर आम के पत्तों की लड़ियां बंधी हुई थीं।
 
Flags of different colours were fluttering everywhere and garlands of mango leaves were tied to the banana trees.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)