श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 15: श्री विष्णुप्रिया के साथ विवाह  »  श्लोक 107
 
 
श्लोक  1.15.107 
এই-মতে গিযা ঈশ্বরের আপ্ত-গণে
লক্ষ্মীরে করিলা অধিবাস শুভ-ক্ষণে
एइ-मते गिया ईश्वरेर आप्त-गणे
लक्ष्मीरे करिला अधिवास शुभ-क्षणे
 
 
अनुवाद
इस बीच, भगवान के परिवार के सदस्य दुल्हन के घर अधिवास समारोह करने के लिए गए।
 
Meanwhile, the Lord's family members went to the bride's house to perform the domicile ceremony.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)