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श्री चैतन्य भागवत
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खण्ड 1: आदि-खण्ड
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अध्याय 14: भगवान की पूर्व बंगाल की यात्रा और लक्ष्मीप्रिया का तिरोभाव
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श्लोक 9
श्लोक
1.14.9
প্রভু দেখি’ মাত্র জন্মে সবার সাধ্বস
নবদ্বীপে হেন নাহি,—যে না হয বশ
प्रभु देखि’ मात्र जन्मे सबार साध्वस
नवद्वीपे हेन नाहि,—ये ना हय वश
अनुवाद
भगवान को देखकर सभी लोग विस्मय और श्रद्धा से भर गए। नवद्वीप में ऐसा कोई नहीं था जो उनके वश में न हो।
Seeing the Lord, everyone was filled with awe and reverence. There was no one in Navadvipa who was not under His control.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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