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श्लोक 1.14.85  |
দেখিতেছি দিনে তিন অবস্থা যাহার
কোন্ লাজে আপনারে গাওযায সে ছার? |
देखितेछि दिने तिन अवस्था याहार
कोन् लाजे आपनारे गाओयाय से छार? |
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| अनुवाद |
| एक तुच्छ व्यक्ति जो प्रतिदिन तीन अवस्थाओं से गुजरता है, वह दूसरों को अपनी महिमा का गुणगान करने के लिए कैसे बेशर्मी से प्रेरित कर सकता है? |
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| How can a lowly person who goes through three stages every day shamelessly inspire others to sing his praises? |
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