श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 14: भगवान की पूर्व बंगाल की यात्रा और लक्ष्मीप्रिया का तिरोभाव  »  श्लोक 76
 
 
श्लोक  1.14.76 
অন্যথা ঈশ্বর বিনে এ-মত পণ্ডিত্য
অন্যের না হয কভু,—লয চিত্ত-বিত্ত
अन्यथा ईश्वर विने ए-मत पण्डित्य
अन्येर ना हय कभु,—लय चित्त-वित्त
 
 
अनुवाद
"अन्यथा, ऐसा ज्ञान परमेश्वर के अतिरिक्त अन्य किसी में संभव नहीं है। यह हमारा दृढ़ विश्वास है।"
 
"Otherwise, such knowledge is not possible in anyone other than God. This is our firm belief."
तात्पर्य
क्योंकि भगवान ने अपनी विद्वता के वैभव से सभी के हृदय को आकर्षित किया है, इसलिए उन्होंने विचार किया और निष्कर्ष निकाला कि सीखने में भगवान की अद्वितीय दक्षता दिव्य थी।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)