श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 14: भगवान की पूर्व बंगाल की यात्रा और लक्ष्मीप्रिया का तिरोभाव  »  श्लोक 74
 
 
श्लोक  1.14.74 
মূর্তি-মন্ত তুমি বৃহস্পতি-অবতার
তোমার সদৃশ অধ্যাপক নাহি আর
मूर्ति-मन्त तुमि बृहस्पति-अवतार
तोमार सदृश अध्यापक नाहि आर
 
 
अनुवाद
“आपके समान कोई अन्य गुरु नहीं है, क्योंकि आप बृहस्पति के अवतार के समान हैं।
 
“There is no other Guru like you, for you are like the incarnation of Brihaspati.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)