श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 14: भगवान की पूर्व बंगाल की यात्रा और लक्ष्मीप्रिया का तिरोभाव  »  श्लोक 70
 
 
श्लोक  1.14.70 
সবে আসি’ প্রভুরে করিযা নমস্কার
বলিতে লাগিলা অতি করি’ পরিহার
सबे आसि’ प्रभुरे करिया नमस्कार
बलिते लागिला अति करि’ परिहार
 
 
अनुवाद
प्रभु के सामने आकर उन्होंने प्रणाम किया और विनम्रतापूर्वक इस प्रकार बोले।
 
Coming before the Lord, he bowed down and spoke humbly as follows.
तात्पर्य
परिहार शब्द का अर्थ है "विनम्र शब्द," "लड़खड़ाते शब्द," "विनम्र निवेदन," या "चापलूसी करने वाले शब्द।"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)