श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 14: भगवान की पूर्व बंगाल की यात्रा और लक्ष्मीप्रिया का तिरोभाव  »  श्लोक 69
 
 
श्लोक  1.14.69 
ভাগ্যবন্ত যত আছে, সকল-ব্রাহ্মণ
উপাযন-হস্তে আইলেন সেই-ক্ষণ
भाग्यवन्त यत आछे, सकल-ब्राह्मण
उपायन-हस्ते आइलेन सेइ-क्षण
 
 
अनुवाद
सभी भाग्यशाली ब्राह्मण विभिन्न उपहार लेकर भगवान का स्वागत करने आये।
 
All the fortunate Brahmins came to welcome the Lord with various gifts.
तात्पर्य
उपायान-हस्ते वाक्यांश इंगित करता है कि वे अपने हाथों में उपहार और प्रस्तुतियाँ लेकर आए थे।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)