श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 14: भगवान की पूर्व बंगाल की यात्रा और लक्ष्मीप्रिया का तिरोभाव  »  श्लोक 62
 
 
श्लोक  1.14.62 
পদ্মাবতী-নদী অতি দেখিতে সুন্দর
তরঙ্গ পুলিন স্রোত অতি মনোহর
पद्मावती-नदी अति देखिते सुन्दर
तरङ्ग पुलिन स्रोत अति मनोहर
 
 
अनुवाद
पद्मावती नदी मनमोहक लहरों, तटों और बहती धाराओं से सुशोभित होकर अत्यंत सुन्दर प्रतीत हो रही थी।
 
The Padmavati River looked extremely beautiful, adorned with enchanting waves, banks and flowing streams.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)