श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 14: भगवान की पूर्व बंगाल की यात्रा और लक्ष्मीप्रिया का तिरोभाव  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  1.14.6 
সর্ব-নবদ্বীপে প্রতি-নগরে-নগরে
শিষ্য-গণ-সঙ্গে বিদ্যা-রসে ক্রীডা করে
सर्व-नवद्वीपे प्रति-नगरे-नगरे
शिष्य-गण-सङ्गे विद्या-रसे क्रीडा करे
 
 
अनुवाद
भगवान ने नवद्वीप के सभी गांवों में अपने शिष्यों के साथ शैक्षिक लीलाओं का आनंद लिया।
 
The Lord enjoyed educational pastimes with His disciples in all the villages of Navadvipa.
तात्पर्य
उस समय नबद्वीप के अलग-अलग गाँव और टापुओं को नगर के नाम से जाना जाता था, जैसे कि गंगा नगर, काजीरानगर, कुलियानगर, विद्यानगर, और जाननगर।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)