श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 14: भगवान की पूर्व बंगाल की यात्रा और लक्ष्मीप्रिया का तिरोभाव  »  श्लोक 49
 
 
श्लोक  1.14.49 
তবে কত-দিনে ইচ্ছা-ময ভগবান্
বঙ্গ-দেশ দেখিতে হৈল ইচ্ছা তা’ন
तबे कत-दिने इच्छा-मय भगवान्
बङ्ग-देश देखिते हैल इच्छा ता’न
 
 
अनुवाद
कुछ दिनों के बाद स्वतंत्र लॉर्ड ने पूर्वी बंगाल [बांग्लादेश] की यात्रा करने की इच्छा व्यक्त की।
 
After a few days the independent Lord expressed his desire to visit East Bengal [Bangladesh].
तात्पर्य
बांगा-देश शब्द की व्याख्या निम्न प्रकार से की जाती है : श्री गौरसुन्दर ने गौड़ापुर, नवद्वीप-मायापुर में अपनी लीलाएँ प्रदर्शित कीं। गौड़ा-देश (अब बांग्लादेश) के पूर्वी हिस्से को गौड़ा-देश के निवासी अलग से बांगा-देश के रूप में सम्बोधित करते हैं। गौड़ा-देश से सुरभित भागीरथी नदी बहती है। गौड़ा नवद्वीप के उत्तरी और पूर्वी प्रान्त, जिसमें ब्रह्मपुत्र नदी के पूर्वी और दक्षिणी किनारे शामिल हैं, जिनके बीच से गंगा की मुख्य धारा पद्मावती बहती है, जो बंगाल की खाड़ी में मिल जाती है—इन सभी भूखंडों को उस समय बाँगा-देश के रूप में जाना जाता था।

शक्ति-संगम-तंत्र पुस्तक में बांगा-देश की सीमा का वर्णन इस प्रकार किया गया है : “बंगाल की खाड़ी से लेकर ब्रह्मपुत्र नदी तक का सम्पूर्ण भूखंड बांगा-देश कहलाता है। हे पार्वती, यह भूमि व्यक्ति को सभी पूर्णता प्रदान करती है।”

प्राचीन पाल वंश के शासनकाल के बाद और राजधानी को नवद्वीप और विक्रमपुर में स्थानांतरित करने के बाद भी, उत्तरी बंगाल को अभी भी वरेन्द्र के रूप में जाना जाता था, उत्तर बंगाल के उत्तर-पश्चिम के प्रांतों को कर्ण-सुवर्ण के रूप में जाना जाता था, पश्चिम बंगाल को गौड़ा और राढ़ के रूप में जाना जाता था, वर्तमान पूर्वी बंगाल को बांगा-देश के रूप में जाना जाता था और दक्षिण बंगाल को समताट और ताम्रलिप्त के रूप में जाना जाता था। संस्कृत साहित्य में भी बंगाल के पूर्व और मध्य क्षेत्रों को बांगा-देश के रूप में संदर्भित किया गया था। दिल्ली के मुगल सम्राट अकबर के प्रधान मंत्री अबुल फजल ने अपनी इतिहास पुस्तक, आइन-ए-अकबरी या "द रूल ऑफ़ अकबर" में लिखा है कि बांगा के पूर्व हिंदू राजाओं ने अपने राज्यों को आला या मिट्टी के टीले से घेर लिया था, और इसलिए यह क्षेत्र बांग्ला के नाम से जाना जाने लगा।

 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)