माता शची को कभी-कभी अपने पुत्र के पैरों से तेज ज्वाला निकलती हुई दिखाई देती थी।
Mother Shachi sometimes saw a bright flame coming out from her son's feet.
तात्पर्य
गौरा-नारायण के ऐश्वर्य के प्रभाव के कारण, शचिदेवी ने आग की पाँच चमकती हुई ज्वालाएँ देखीं। जैसे ही अवैयक्तिकवादी प्रभु के मूल रूप को देखने में असमर्थ होते हैं, प्रभु के शरीर से निकलने वाले तेज को उनके रूप के रूप में स्वीकार करते हैं और इस प्रकार आश्चर्यचकित हो जाते हैं; प्रभु के कमल चरणों से निकलने वाली सबसे अधिक चमकदार पाँच ज्वालाओं को देखकर, शचिदेवी ने अपने बेटे को सीधे भगवान विष्णु के रूप में समझा।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥