श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 14: भगवान की पूर्व बंगाल की यात्रा और लक्ष्मीप्रिया का तिरोभाव  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  1.14.40 
ঊষঃ-কাল হৈতে লক্ষ্মী যত গৃহ-কর্ম
আপনে করেন সব,—এই তাঙ্’র ধর্ম
ऊषः-काल हैते लक्ष्मी यत गृह-कर्म
आपने करेन सब,—एइ ताङ्’र धर्म
 
 
अनुवाद
सूर्योदय से ही लक्ष्मी अपने धार्मिक कर्तव्य के रूप में घर के सभी काम स्वयं करती थीं।
 
Lakshmi used to do all the household work herself as her religious duty from sunrise onwards.
तात्पर्य
अपने पति को सुख पहुँचाने और सास-ससुर का आदर करने के लिए पतिव्रता लक्ष्मी देवी उनकी दासी के रूप में रहकर घर की सारी ज़िम्मेदारी को निभाती थीं। एक आदर्श गृहिणी के रूप में, श्रीमति लक्ष्मी देवी सुबह से रात तक घर के सभी काम करती थीं।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)