श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 14: भगवान की पूर्व बंगाल की यात्रा और लक्ष्मीप्रिया का तिरोभाव  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  1.14.33 
অন্যথা সে-স্থানে যাইবার শক্তি কা’র?
ব্রহ্মা-আদি বিনা কি সে অন্ন পায আর?”
अन्यथा से-स्थाने याइबार शक्ति का’र?
ब्रह्मा-आदि विना कि से अन्न पाय आर?”
 
 
अनुवाद
अन्यथा उनके घर जाने की शक्ति और ब्रह्माजी के अतिरिक्त और कौन है जो ऐसा भोजन ग्रहण कर सकता है?
 
Otherwise, who else except Brahmaji has the power to go to his house and can eat such food?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)