शब्द तृण का अर्थ भूसे से है जो आसन या बिस्तर बनाने के लिए उपयोग किया जाता है।
शब्द भूमि का अर्थ विश्राम स्थल से है।
शब्द उदक का अर्थ अपने हाथों, पैरों और मुंह को साफ करने या आचमन करने के लिए पानी से है।
शब्द सत्य वाक् का अर्थ है "सत्य" या "मीठे शब्द", और शब्द चतुर्थी का अर्थ है "चार आइटम"।
