श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 14: भगवान की पूर्व बंगाल की यात्रा और लक्ष्मीप्रिया का तिरोभाव  »  श्लोक 188
 
 
श्लोक  1.14.188 
এই-মত প্রভু জননীরে প্রবোধিযা
রহিলেন নিজ-কৃত্যে আপ্ত-গণ লৈযা
एइ-मत प्रभु जननीरे प्रबोधिया
रहिलेन निज-कृत्ये आप्त-गण लैया
 
 
अनुवाद
इस प्रकार भगवान ने अपनी माता को शांत किया और फिर अपने मित्रों के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया।
 
Thus the Lord pacified His mother and then performed His duties with His friends.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)