প্রভু বলে,—“মাতা, দুঃখ ভাব’ কি-কারণে?
ভবিতব্য যে আছে, সে খণ্ডিবে কেমনে?
प्रभु बले,—“माता, दुःख भाव’ कि-कारणे?
भवितव्य ये आछे, से खण्डिबे केमने?
अनुवाद
प्रभु बोले, "हे माता, तुम इतनी उदास क्यों हो? जो होना तय है, उसे कौन रोक सकता है?"
The Lord said, "O Mother, why are you so sad? Who can stop what is destined to happen?"
तात्पर्य
भवितव्य शब्द का अर्थ है "निश्चित रूप से होने वाला," "अपरिहार्य," "निर्धारित," "भाग्य," "प्रोविडेंस," "अप्रत्याशित भाग्य," "किसी के माथे पर लिखा हुआ," या "प्रोविडेंस की व्यवस्था।" जीव अपनी इच्छाओं से ही पुण्य और पाप का फल जमा करते हैं। अवश्यमेव भोक्तव्यं कृतं कर्म शुभाशुभम - "मनुष्य को अपने पुण्य और पाप कर्मों का फल अवश्य भोगना चाहिए।" इन फलों का भोग करने से ही अंत किया जा सकता है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥