श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 14: भगवान की पूर्व बंगाल की यात्रा और लक्ष्मीप्रिया का तिरोभाव  »  श्लोक 177
 
 
श्लोक  1.14.177 
প্রভু বলে,—“মাতা, আমি জানিনু সকল
তোমার বধুর কিছু বুঝি অমঙ্গল?”
प्रभु बले,—“माता, आमि जानिनु सकल
तोमार वधुर किछु बुझि अमङ्गल?”
 
 
अनुवाद
प्रभु बोले, "प्रिय माँ, मुझे सब पता है। शायद आपकी बहू पर कोई विपत्ति आई है?"
 
The Lord said, "Dear Mother, I know everything. Perhaps some calamity has befallen your daughter-in-law?"
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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