श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 14: भगवान की पूर्व बंगाल की यात्रा और लक्ष्मीप्रिया का तिरोभाव  »  श्लोक 165
 
 
श्लोक  1.14.165 
তবে আপ্ত-বর্গ আইলেন সম্ভাষিতে
সবেই বেডিযা বসিলেন চারি-ভিতে
तबे आप्त-वर्ग आइलेन सम्भाषिते
सबेइ वेडिया वसिलेन चारि-भिते
 
 
अनुवाद
उस समय निमाई के परिवार के लोग आये और उनसे बात करने के लिए उनके चारों ओर बैठ गये।
 
At that time Nimai's family members came and sat around him to talk to him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)