श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 14: भगवान की पूर्व बंगाल की यात्रा और लक्ष्मीप्रिया का तिरोभाव  »  श्लोक 158
 
 
श्लोक  1.14.158 
দণ্ডবত্ কৈলা প্রভু জননী-চরণে
অর্থ-বৃত্তি সকল দিলেন তা’ন স্থানে
दण्डवत् कैला प्रभु जननी-चरणे
अर्थ-वृत्ति सकल दिलेन ता’न स्थाने
 
 
अनुवाद
घर पहुँचकर भगवान ने अपनी माँ के चरणों में प्रणाम किया और फिर उन्हें उपहार और धन दिया।
 
Reaching home, the Lord bowed at his mother's feet and then gave her gifts and money.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)