श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 14: भगवान की पूर्व बंगाल की यात्रा और लक्ष्मीप्रिया का तिरोभाव  »  श्लोक 151
 
 
श्लोक  1.14.151 
এত বলি’ প্রভু তাঙ্’রে দিলা আলিঙ্গন
প্রেমে পুলকিত-অঙ্গ হৈল ব্রাহ্মণ
एत बलि’ प्रभु ताङ्’रे दिला आलिङ्गन
प्रेमे पुलकित-अङ्ग हैल ब्राह्मण
 
 
अनुवाद
तब भगवान ने उन्हें गले लगा लिया और प्रेम के मारे तपन मिश्र के रोंगटे खड़े हो गए।
 
Then God embraced him and Tapan Mishra's hair stood on end due to love.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)