श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 14: भगवान की पूर्व बंगाल की यात्रा और लक्ष्मीप्रिया का तिरोभाव  »  श्लोक 126
 
 
श्लोक  1.14.126 
’অহো ভাগ্য’ মানি’ পুনঃ চেতন পাইযা
সেই-ক্ষণে চলিলেন প্রভু ধেযাইযা
’अहो भाग्य’ मानि’ पुनः चेतन पाइया
सेइ-क्षणे चलिलेन प्रभु धेयाइया
 
 
अनुवाद
अपनी समाधि से बाहर आकर उसने कहा, “क्या सौभाग्य है!” फिर वह तुरंत भगवान के दर्शन के लिए चला गया।
 
Coming out of his trance, he said, “What a good fortune!” Then he immediately went to see the Lord.
तात्पर्य
'अहो भाग्यमानी' मुहावरे का अर्थ है "खुद को अति भाग्यशाली मानना।"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)