श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 14: भगवान की पूर्व बंगाल की यात्रा और लक्ष्मीप्रिया का तिरोभाव  »  श्लोक 110
 
 
श्लोक  1.14.110 
’তবে গৃহে প্রভু আসিবেন’,—হেন শুনি’
যা’র যেন শক্তি, সবে দিলা ধন আনি’
’तबे गृहे प्रभु आसिबेन’,—हेन शुनि’
या’र येन शक्ति, सबे दिला धन आनि’
 
 
अनुवाद
जब पूर्वी बंगाल के लोगों ने सुना कि भगवान घर लौट रहे हैं, तो वे अपनी क्षमता के अनुसार विभिन्न उपहार और धन लेकर आये।
 
When the people of East Bengal heard that the Lord was returning home, they brought various gifts and money according to their capacity.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)