श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 14: भगवान की पूर्व बंगाल की यात्रा और लक्ष्मीप्रिया का तिरोभाव  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  1.14.11 
প্রভু সে পরম-ব্যযী ঈশ্বর ব্যভার
দুঃখিতেরে নিরবধি দেন পুরস্কার
प्रभु से परम-व्ययी ईश्वर व्यभार
दुःखितेरे निरवधि देन पुरस्कार
 
 
अनुवाद
भगवान ने एक दानशील व्यक्ति की लीलाएँ दिखाईं, क्योंकि यही परमेश्वर का स्वभाव है। वे निरंतर गरीबों को दान देते रहे।
 
The Lord displayed the pastimes of a charitable person, as this is His nature. He constantly gave alms to the poor.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)