श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 14: भगवान की पूर्व बंगाल की यात्रा और लक्ष्मीप्रिया का तिरोभाव  »  श्लोक 101
 
 
श्लोक  1.14.101 
নামে সে অন্ন-মাত্র পরিগ্রহ করে
ঈশ্বর-বিচ্ছেদে বড দুঃখিতা অন্তরে
नामे से अन्न-मात्र परिग्रह करे
ईश्वर-विच्छेदे बड दुःखिता अन्तरे
 
 
अनुवाद
उसने नाम मात्र के लिए ही कुछ चावल ग्रहण किए, क्योंकि वह भगवान से वियोग में बहुत दुःखी थी।
 
She took some rice just for the sake of it, because she was very sad due to separation from God.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)