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श्लोक 1.13.84  |
সহস্র-সহস্র যত প্রভুর শিষ্য-গণ
অবাক্ হৈলা সবে শুনিঞা বর্ণন |
सहस्र-सहस्र यत प्रभुर शिष्य-गण
अवाक् हैला सबे शुनिञा वर्णन |
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| अनुवाद |
| भगवान के हजारों शिष्य उन विवरणों को सुनकर अवाक रह गए। |
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| Thousands of disciples of the Lord were left speechless after hearing those details. |
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