श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 13: डिगविजयी को पराजित करना  »  श्लोक 69
 
 
श्लोक  1.13.69 
অপূর্ব দেখিলা দিগ্বিজযী সুবিস্মিত
মনে ভাবে,—“এই বুঝি নিমাই পণ্ডিত?”
अपूर्व देखिला दिग्विजयी सुविस्मित
मने भावे,—“एइ बुझि निमाइ पण्डित?”
 
 
अनुवाद
उस अद्भुत दृश्य को देखकर दिग्विजयी आश्चर्यचकित हो गईं और सोचने लगीं, “क्या यह निमाई पंडित हैं?”
 
Seeing that wonderful scene, Digvijayi was astonished and started thinking, “Is this Nimai Pandit?”
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