श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 13: डिगविजयी को पराजित करना  »  श्लोक 163
 
 
श्लोक  1.13.163 
হেন আমি তোমা’ স্থানে সিদ্ধান্ত করিতে
না পারিনু, সব বুদ্ধি গেল কোন্ ভিতে?
हेन आमि तोमा’ स्थाने सिद्धान्त करिते
ना पारिनु, सब बुद्धि गेल कोन् भिते?
 
 
अनुवाद
"यद्यपि मैं इतना विद्वान हूँ, फिर भी मैं आपके समक्ष अपने निष्कर्ष प्रस्तुत नहीं कर सका। मेरी सारी बुद्धि कहाँ चली गई?"
 
"Even though I am so learned, I could not present my findings to you. Where has all my wisdom gone?"
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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