| श्री चैतन्य भागवत » खण्ड 1: आदि-खण्ड » अध्याय 13: डिगविजयी को पराजित करना » श्लोक 154 |
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| | | | श्लोक 1.13.154  | দিগ্বিজযী বোলেন,—“শুনহ, বিপ্র-রাজ!
তোমা’ ভজিলেই সিদ্ধ হয সর্ব-কাজ | दिग्विजयी बोलेन,—“शुनह, विप्र-राज!
तोमा’ भजिलेइ सिद्ध हय सर्व-काज | | | | | | अनुवाद | | दिग्विजयी ने उत्तर दिया, "हे ब्राह्मणराज, कृपया सुनिए। आपकी पूजा करने मात्र से ही मनुष्य के सभी कार्य सफल हो जाते हैं।" | | | | Digvijayi replied, "O King of Brahmins, please listen. By merely worshipping you, all a man's tasks become successful." | |
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