श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 12: भगवान का नवद्वीप में भ्रमण  »  श्लोक 201
 
 
श्लोक  1.12.201 
চিন্তিযা শ্রীধর বোলে,—“শুনহ, গোসাঞি!
কডি-পাতি তোমার কিছুই দায নাই
चिन्तिया श्रीधर बोले,—“शुनह, गोसाञि!
कडि-पाति तोमार किछुइ दाय नाइ
 
 
अनुवाद
ऐसा सोचकर श्रीधर ने कहा, “सुनो गोसाणी, धन की चिंता मत करो।
 
Thinking this, Sridhar said, “Listen Gosani, don't worry about money.
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