श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 12: भगवान का नवद्वीप में भ्रमण  »  श्लोक 185
 
 
श्लोक  1.12.185 
শ্রীধর বোলেন,—“উপবাস ত’ না করি
ছোট হৌক, বড হৌক, বস্ত্র দেখ পরি”
श्रीधर बोलेन,—“उपवास त’ ना करि
छोट हौक, बड हौक, वस्त्र देख परि”
 
 
अनुवाद
श्रीधर ने उत्तर दिया, “कम से कम मैं भूखा तो नहीं मर रहा हूँ, और चाहे छोटा हो या बड़ा, मैं अभी भी कुछ कपड़े पहने हुए हूँ।”
 
Sridhar replied, “At least I am not dying of hunger, and whether small or big, I still have some clothes on.”
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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