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श्लोक 1.12.129  |
সর্ব-ভূত-হৃদযে আকর্ষে সর্ব-মন
সে রূপ দেখিযা মুগ্ধ নহে কোন্ জন? |
सर्व-भूत-हृदये आकर्षे सर्व-मन
से रूप देखिया मुग्ध नहे कोन् जन? |
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| अनुवाद |
| भगवान् सभी जीवों के परमात्मा हैं, इसलिए वे सबके मन को आकर्षित करते हैं। उनके सुंदर रूप को देखकर कौन आकर्षित नहीं होता? |
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| The Lord is the Supreme Being of all beings, and therefore He attracts everyone's mind. Who is not attracted by His beautiful form? |
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